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मुकुट मोचन के साथ आज होगा रामलीला का भव्य आगाज

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नारद मोह से रावण के अत्याचार तक होगा रामकथा का मंचन

बभनौटी में सजेगा आस्था, मर्यादा और संस्कृति का रंगमंच

खेतासराय (जौनपुर): जब मंच पर भगवान श्रीराम की मर्यादा, माता सीता का त्याग, लक्ष्मण का भ्रातृप्रेम और हनुमान की अटूट भक्ति जीवंत होती है, तो रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह जाती, बल्कि समाज को धर्म, सत्य, त्याग और कर्तव्य का संदेश देने वाली जीवंत पाठशाला बन जाती है। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री हनुमान मंदिर रामलीला समिति, बभनौटी की ओर से शनिवार को मुकुट मोचन के साथ रामलीला का शुभारंभ होगा। रामकथा के विभिन्न प्रसंगों के मंचन से क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल बनेगा।

रामलीला के मंच पर नारद मोह से लेकर रावण के अत्याचार तक की कथा का मंचन किया जाएगा। इन प्रसंगों के माध्यम से दर्शकों को यह संदेश देने का प्रयास होगा कि अहंकार, मोह और अधर्म चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हो जाएं, अंततः सत्य और धर्म की विजय ही होती है। रामलीला के प्रत्येक प्रसंग में छिपे जीवन के आदर्श दर्शकों को मर्यादा, सदाचार और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देंगे।

मुकुट मोचन से शुरू होगी रामकथा की यात्रा

रामलीला का शुभारंभ मुकुट मोचन की पारंपरिक रस्म के साथ होगा। धार्मिक मान्यताओं और लोकपरंपराओं से जुड़ी यह रस्म रामलीला के आयोजन की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है। इसके साथ ही मंच पर रामकथा की यात्रा शुरू होगी, जिसमें पात्रों के संवाद, अभिनय और प्रसंगों के माध्यम से त्रेतायुग की घटनाओं को जीवंत करने का प्रयास किया जाएगा।

नारद मोह का प्रसंग मानव जीवन में अहंकार और मोह के प्रभाव को उजागर करेगा। वहीं, रावण के अत्याचार से जुड़े प्रसंग यह बताएंगे कि शक्ति और वैभव का उपयोग यदि अन्याय के लिए किया जाए, तो उसका अंत विनाशकारी होता है। रामलीला की यही विशेषता है कि सदियों पुरानी कथा आज भी समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।

परंपरा के साथ नई पीढ़ी को संस्कार देने की पहल

आज के बदलते दौर में जब मनोरंजन के अनेक साधन लोगों के सामने हैं, ऐसे समय में रामलीला जैसे पारंपरिक आयोजनों का महत्व और बढ़ जाता है। यह आयोजन लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराने का अवसर भी देता है। रामलीला के संवादों और प्रसंगों में परिवार, समाज, रिश्तों, वचनबद्धता और न्याय की ऐसी सीख छिपी है, जिसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है।

श्री हनुमान मंदिर रामलीला समिति, बभनौटी की यह पहल धार्मिक आस्था के साथ लोकसंस्कृति को जीवित रखने का प्रयास है। रामलीला का मंच गांव की सामूहिक चेतना, सामाजिक सहभागिता और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का प्रतीक भी है। मंच पर प्रस्तुत होने वाली रामकथा दर्शकों को यह सोचने के लिए प्रेरित करेगी कि जीवन में विजय केवल बल से नहीं, बल्कि सत्य, संयम, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने से प्राप्त होती है।

समिति के अध्यक्ष जगदम्बा प्रसाद पाण्डेय और प्रबंधक डॉ. अशोक कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजन की तैयारियां की गई हैं। रामलीला के शुभारंभ को लेकर क्षेत्र के लोगों में उत्साह का माहौल है। मुकुट मोचन के साथ शुरू होने वाली यह धार्मिक-सांस्कृतिक यात्रा रामकथा के माध्यम से श्रद्धा, संस्कार और मर्यादा का संदेश जन-जन तक पहुंचाएगी।

मुकुट मोचन के साथ आज होगा रामलीला का भव्य आगाज

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नारद मोह से रावण के अत्याचार तक होगा रामकथा का मंचन

  • बभनौटी में सजेगा आस्था, मर्यादा और संस्कृति का रंगमंच

खेतासराय (जौनपुर) जब मंच पर भगवान श्रीराम की मर्यादा, माता सीता का त्याग, लक्ष्मण का भ्रातृप्रेम और हनुमान की अटूट भक्ति जीवंत होती है, तो रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह जाती, बल्कि समाज को धर्म, सत्य, त्याग और कर्तव्य का संदेश देने वाली जीवंत पाठशाला बन जाती है। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री हनुमान मंदिर रामलीला समिति, बभनौटी की ओर से शनिवार को मुकुट मोचन के साथ रामलीला का शुभारंभ होगा। रामकथा के विभिन्न प्रसंगों के मंचन से क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल बनेगा।

रामलीला के मंच पर नारद मोह से लेकर रावण के अत्याचार तक की कथा का मंचन किया जाएगा। इन प्रसंगों के माध्यम से दर्शकों को यह संदेश देने का प्रयास होगा कि अहंकार, मोह और अधर्म चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हो जाएं, अंततः सत्य और धर्म की विजय ही होती है। रामलीला के प्रत्येक प्रसंग में छिपे जीवन के आदर्श दर्शकों को मर्यादा, सदाचार और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देंगे।

मुकुट मोचन से शुरू होगी रामकथा की यात्रा

रामलीला का शुभारंभ मुकुट मोचन की पारंपरिक रस्म के साथ होगा। धार्मिक मान्यताओं और लोकपरंपराओं से जुड़ी यह रस्म रामलीला के आयोजन की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है। इसके साथ ही मंच पर रामकथा की यात्रा शुरू होगी, जिसमें पात्रों के संवाद, अभिनय और प्रसंगों के माध्यम से त्रेतायुग की घटनाओं को जीवंत करने का प्रयास किया जाएगा।

नारद मोह का प्रसंग मानव जीवन में अहंकार और मोह के प्रभाव को उजागर करेगा। वहीं, रावण के अत्याचार से जुड़े प्रसंग यह बताएंगे कि शक्ति और वैभव का उपयोग यदि अन्याय के लिए किया जाए, तो उसका अंत विनाशकारी होता है। रामलीला की यही विशेषता है कि सदियों पुरानी कथा आज भी समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।

परंपरा के साथ नई पीढ़ी को संस्कार देने की पहल

आज के बदलते दौर में जब मनोरंजन के अनेक साधन लोगों के सामने हैं, ऐसे समय में रामलीला जैसे पारंपरिक आयोजनों का महत्व और बढ़ जाता है। यह आयोजन लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराने का अवसर भी देता है। रामलीला के संवादों और प्रसंगों में परिवार, समाज, रिश्तों, वचनबद्धता और न्याय की ऐसी सीख छिपी है, जिसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है।

श्री हनुमान मंदिर रामलीला समिति, बभनौटी की यह पहल धार्मिक आस्था के साथ लोकसंस्कृति को जीवित रखने का प्रयास है। रामलीला का मंच गांव की सामूहिक चेतना, सामाजिक सहभागिता और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का प्रतीक भी है। मंच पर प्रस्तुत होने वाली रामकथा दर्शकों को यह सोचने के लिए प्रेरित करेगी कि जीवन में विजय केवल बल से नहीं, बल्कि सत्य, संयम, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने से प्राप्त होती है।

समिति के अध्यक्ष जगदम्बा प्रसाद पाण्डेय और प्रबंधक डॉ. अशोक कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजन की तैयारियां की गई हैं। रामलीला के शुभारंभ को लेकर क्षेत्र के लोगों में उत्साह का माहौल है। मुकुट मोचन के साथ शुरू होने वाली यह धार्मिक-सांस्कृतिक यात्रा रामकथा के माध्यम से श्रद्धा, संस्कार और मर्यादा का संदेश जन-जन तक पहुंचाएगी।

नशे में दो दोस्तों के बीच कहासुनी, सड़क पर जमकर मारपीट

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बाइक से घर लौटते समय बिगड़ी बात, मारपीट में दोनों घायल; जिला अस्पताल रेफर

खेतासराय (जौनपुर): नगर क्षेत्र में मंगलवार की शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बाइक से घर लौट रहे दो दोस्तों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों ने मदिरा पान कर रखा था। रास्ते में गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। दोनों युवक सड़क पर उतरकर एक-दूसरे से भिड़ गए। काफी देर तक हुई मारपीट में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सड़क पर विवाद होता देख मौके पर राहगीरों और आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई।

जानकारी के अनुसार मैनुद्दीनपुर गांव निवासी सत्यम (25) पुत्र रामकुमार और बारां गांव निवासी हरेन्द्र (28) पुत्र राधेश्याम मंगलवार को एक ही बाइक से बाजार गए थे। बताया जाता है कि बाजार से लौटते समय दोनों ने मदिरा पान किया था। घर वापस जाते समय सरवरपुर मोड़ के समीप किसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में कहासुनी गाली-गलौज में बदल गई।

विवाद बढ़ने पर दोनों ने बाइक रोक दी और सड़क पर उतरकर एक-दूसरे से मारपीट शुरू कर दी। अचानक मुख्य मार्ग पर दो युवकों के बीच मारपीट शुरू होने से वहां से गुजर रहे लोगों में भी अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों के बीच काफी देर तक मारपीट होती रही, जिससे दोनों घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोंधी पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार करने के बाद दोनों की हालत गंभीर देखते हुए बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि दोनों घायलों को उपचार के लिए पीएचसी सोंधी में भर्ती कराया गया था। मामले में तहरीर मिलने के बाद नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

जौनपुर में फिर गूंजा खेतासराय के माँ विंध्यवासिनी पंडाल का जयकारा

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श्री दुर्गा पूजा महासमिति ने किया सम्मानित, लगातार उपलब्धियों से बढ़ा क्षेत्र का गौरव

खेतासराय (जौनपुर) आस्था जब समर्पण से जुड़ती है और मेहनत जब समाज के सहयोग से आकार लेती है, तो उसकी पहचान दूर तक बनती है। खेतासराय की जय माँ विंध्यवासिनी दुर्गा पूजा समिति ने एक बार फिर यही मिसाल पेश की है। जनपद में आयोजित श्री दुर्गा पूजा महासमिति, जौनपुर के 47वें भव्य पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह में समिति को सम्मानित किया गया। लगातार जनपद स्तरीय सम्मान हासिल कर रहे माँ विंध्यवासिनी के पंडाल ने एक बार फिर खेतासराय का नाम जिले में गौरवान्वित किया है।

पिछले कई वर्षों से समिति द्वारा दुर्गा पूजा के दौरान भव्य पंडाल सजाया जाता है। पंडाल केवल श्रद्धा और भक्ति का केंद्र नहीं रहता, बल्कि कला, संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और सामूहिक सहभागिता की जीवंत तस्वीर भी प्रस्तुत करता है। पंडाल की सजावट, व्यवस्था और आयोजन में कार्यकर्ताओं की मेहनत हर वर्ष अपनी अलग छाप छोड़ती है। इसी समर्पण का परिणाम है कि समिति को लगातार जनपद स्तर पर पुरस्कार और सम्मान मिल रहे हैं।

सम्मान समारोह में महासमिति के पदाधिकारियों ने समिति के आयोजन, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि जय माँ विंध्यवासिनी दुर्गा पूजा समिति ने अपनी निरंतर मेहनत से न केवल धार्मिक आयोजन को भव्यता दी है, बल्कि खेतासराय की पहचान को भी मजबूत किया है।

सम्मान की खबर क्षेत्र में पहुंचते ही समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं ने इसे अपनी मेहनत का सम्मान बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन सभी हाथों की है, जो महीनों पहले से आयोजन को सफल बनाने में जुट जाते हैं।

पंडाल के संरक्षक मनीष कुमार गुप्ता ने कहा कि लगातार मिल रहे जिला स्तरीय पुरस्कार और सम्मान के पीछे समिति के कार्यकर्ताओं की दिन-रात की मेहनत और क्षेत्रवासियों का सहयोग है। उन्होंने कहा कि समिति का प्रयास है कि आने वाले समय में आयोजन को और बेहतर बनाया जाए और जनपद में प्रथम स्थान हासिल कर खेतासराय का नाम और ऊंचा किया जाए।

वहीं पंडाल के अध्यक्ष शांतिभूषण मिश्रा ने श्री दुर्गा पूजा महासमिति जौनपुर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मिला सम्मान समिति के लिए गौरव के साथ-साथ नई जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों के सहयोग से भविष्य में आयोजन को और भव्य एवं अनुकरणीय बनाया जाएगा।

माँ के दरबार को सजाने वाले हाथों को मिला सम्मान, तो खेतासराय की आस्था का भी मान बढ़ गया। लगातार मिल रही यह उपलब्धि समिति के लिए सिर्फ पुरस्कार नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही मेहनत, एकजुटता और श्रद्धा की पहचान बनती जा रही है।

तांत्रिक ने अंडा खाकर बुना ठगी का जाल, डेढ़ लाख के जेवर लेकर फरार

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परिवार में अकाल मृत्यु का भय दिखाकर जीता भरोसा

तंत्र-मंत्र के नाम पर ससुर से ऐंठा बहू का मंगलसूत्र और सोने की बालियां

खेतासराय (जौनपुर): अंधविश्वास और अनहोनी का भय दिखाकर ठगी करने का एक हैरान करने वाला मामला क्षेत्र के जैगहां फरीदपुर गांव में सामने आया है। यहां जलपान की दुकान चलाने वाले एक दुकानदार को परिवार में अकाल मृत्यु होने का भय दिखाकर एक कथित तांत्रिक ने अपने झांसे में ले लिया। तंत्र-मंत्र के जरिए जेवर शुद्ध करने का झांसा देकर वह दुकानदार की पुत्रवधू का मंगलसूत्र और सोने की कान की बालियां लेकर फरार हो गया। ठगी का शिकार हुए परिवार के मुताबिक, जेवरों की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये है।

जानकारी के अनुसार, जैगहां फरीदपुर गांव निवासी राजेंद्र बिन्द की जलपान की दुकान है। शनिवार की दोपहर एक युवक उनकी दुकान पर पहुंचा और अंडा खाकर बातचीत करने लगा। इसी दौरान उसने राजेंद्र को उनके परिवार में अकाल मृत्यु होने का भय दिखाया और धीरे-धीरे उन्हें अपने विश्वास में ले लिया। कथित तांत्रिक की बातों में आकर राजेंद्र उसकी बताई गई तंत्र-मंत्र की प्रक्रिया में शामिल हो गए।

आरोप है कि युवक ने तंत्र-मंत्र के लिए घर से चावल मंगवाया और परिवार के आभूषणों को शुद्ध करने की बात कही। उसकी बातों में आकर राजेंद्र अपनी पुत्रवधू पुष्पा बिन्द का मंगलसूत्र और सोने की कान की बालियां लेकर आ गए। इसके बाद कथित तांत्रिक चावल और जेवरों पर झाड़-फूंक करने लगा। उसने आगे की प्रक्रिया गांव के बाहर करने की बात कही और खुद वाहन से बताए गए स्थान पर पहुंच गया। साथ ही परिवार के लोगों को भी वहां आने के लिए कहा।

परिजन जब उसके बताए गए स्थान पर पहुंचे तो कथित तांत्रिक वहां से गायब था। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब उसका कहीं पता नहीं चला तो परिवार को ठगी का एहसास हुआ। परिजनों ने आसपास उसकी तलाश की, लेकिन तब तक वह जेवर लेकर फरार हो चुका था। अनहोनी के भय और तंत्र-मंत्र के नाम पर भरोसा करना परिवार को भारी पड़ गया। बहू के सुहाग की निशानी मंगलसूत्र समेत कीमती आभूषण गंवाने से परिवार परेशान है।

थक-हारकर पीड़ित परिवार ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। हालांकि, थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया है।

गांधी जयंती पर ‘विवाद से संवाद तक’ संगोष्ठी में जिला न्यायाधीश ने मंगला प्रसाद तिवारी को सौंपा प्रशस्ति पत्र

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चार दशक पुराने भू-विवाद में सुलह:जौनपुर न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता सम्मानित

  • जलालपुर के ऐतिहासिक ताला मझवारा विवाद में अधिवक्ताओं ने कायम की मिसाल

जौनपुर। गांधी जयंती के अवसर पर जिला न्यायालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उच्च न्यायालय इलाहाबाद के तत्वावधान में आयोजित ‘विवाद से संवाद तक’ संगोष्ठी में 40 वर्ष से अधिक पुराने मुकदमों का सुलह से निस्तारण कराने पर वरिष्ठ अधिवक्ता बशिष्ट नारायण शुक्ल व उनके पुत्र विकास शुक्ला अधिवक्ता को सम्मानित किया गया। उच्च न्यायालय के निर्देश पर जिला न्यायाधीश सुशील कुमार शशि ने उन्हें प्रशस्ति पत्र सौंपा।

विधिक परिप्रेक्ष्य से देखा जाए तो चार दशकों तक अदालती कार्यवाहियों, साक्ष्यों और अपीलों के दौर से गुजर रहे सिविल मामलों में पक्षकारों को मध्यस्थता की मेज पर लाना एक असाधारण कार्य है। मामला जौनपुर के जलालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ताला मझवारा गांव से जुड़ा था, जिसमें वर्ष 1986 से ‘शोभा बनाम किशोर’ (मुकदमा संख्या 851/1986) के बीच दीवानी मुकदमा लंबित चला आ रहा था।वरिष्ठ अधिवक्ता बशिष्ट नारायण शुक्ल एवं विकास शुक्ला अधिवक्ता ने अपने सुदीर्घ विधिक अनुभव और वैकल्पिक विवाद समाधान प्रक्रिया का प्रभावी प्रयोग करते हुए दोनों पक्षों के मध्य सहमति कायम कराई। इस ऐतिहासिक निस्तारण से न केवल न्यायालय पर मुकदमों का बोझ कम हुआ, बल्कि पक्षकारों के मध्य पीढ़ी-दर-पीढ़ी चला आ रहा वैमनस्य भी सदैव के लिए समाप्त हो गया।जनपद के विधिक इतिहास में यह पहला अवसर है जब मध्यस्थता के माध्यम से इतने प्राचीन मुकदमों का निस्तारण कराने पर अधिवक्ताओं को इस स्तर पर सम्मानित किया गया है। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला न्यायाधीश सुशील कुमार शशि ने कहा कि त्वरित एवं सुलभ न्याय की दिशा में ‘विवाद से संवाद’ की अवधारणा अत्यंत महत्वपूर्ण है। न्याय का वास्तविक उद्देश्य मात्र निर्णय देना ही नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द की पुनर्स्थापना करना है। इस अवसर पर न्यायालय के अनेक न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

वन विहार के पास नकाबपोश बदमाशों ने जूता कारोबारी को पीटा

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दो बाइकों से पहुंचे चार हमलावरों ने हॉकी-डंडे से किया हमला, जिला अस्पताल रेफर

खेतासराय (जौनपुर): खुदौली स्थित वन विहार के पास बुधवार देर शाम दो बाइकों से पहुंचे चार नकाबपोश बदमाशों ने बाइक सवार जूता-चप्पल कारोबारी को घेरकर हॉकी और डंडे से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घायल कारोबारी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोंधी ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

खुटहन थाना क्षेत्र के नेवादा गांव निवासी नितेंद्र सिंह गुड्डू (56) पुत्र स्व. रमाशंकर सिंह की खुटहन रोड पर ऋषि तालाब के पास जूता-चप्पल की दुकान है। बताया गया कि बुधवार देर शाम दुकान बंद करने के बाद वह बाइक से घर लौट रहे थे। खुदौली वन विहार के पास पहुंचने पर सड़क किनारे दो बाइकों के साथ मौजूद चार नकाबपोश युवकों ने उन्हें रोक लिया।

आरोप है कि हमलावरों ने बिना किसी बात के हॉकी और डंडे से उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में कारोबारी सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद हमलावर कुछ देर तक उनकी पिटाई करने के बाद दोनों बाइकों से फरार हो गए। राहगीरों से घटना की जानकारी होने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल को अस्पताल पहुंचाया।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी लेने के साथ ही पीड़ित से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पीड़ित की तहरीर पर चार अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हमलावरों की पहचान और हमले के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में भी चिंता है।

सर्वसम्मति से डॉ.अशोक कुमार पाण्डेय को मिली नीमा शाहगंज की कमान

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नई कार्यकारिणी गठित, चिकित्सकों के हित और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर

खेतासराय (जौनपुर): नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) शाहगंज की नई कार्यकारिणी का गठन बुधवार को उत्सव वाटिका में हुई चुनावी बैठक में किया गया। सर्वसम्मति से स्थानीय कस्बा निवासी डॉ. अशोक कुमार पाण्डेय को संगठन का अध्यक्ष चुना गया। नई कार्यकारिणी ने चिकित्सकों के हितों के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

बैठक में डॉ. नदीम खान ने डॉ. राजकुमार मिश्रा और डॉ. जुबेर अंसारी को चुनाव प्रभारी बनाए जाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। चुनाव प्रभारियों की देखरेख में विभिन्न पदों के लिए पदाधिकारियों का चयन किया गया।

कार्यकारिणी में डॉ. हामिद रहमान को उपाध्यक्ष, डॉ. अतुल कुमार यादव को जनरल सेक्रेटरी, डॉ. खुर्शीद आलम को कोषाध्यक्ष, डॉ. अबू उमर को ज्वाइंट सेक्रेटरी, डॉ. जेपी सेठ को ऑर्गनाइजर, डॉ. औन मोहम्मद को मुख्य सलाहकार तथा डॉ. तारिक जुबेर अंसारी को ऑडिटर चुना गया।

चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. शौकत खान ने नव निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार पाण्डेय को अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाकर संगठन की जिम्मेदारी सौंपी। इसी तरह निवर्तमान जनरल सेक्रेटरी डॉ. नदीम खान ने नव निर्वाचित जनरल सेक्रेटरी डॉ. अतुल कुमार यादव को पदभार ग्रहण कराया। जिम्मेदारियों के हस्तांतरण के दौरान संगठन में आपसी सम्मान और विश्वास की झलक देखने को मिली।

नव निर्वाचित पदाधिकारियों का चिकित्सकों ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। सदस्यों ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए संगठन को मजबूत बनाने और चिकित्सकों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की उम्मीद जताई।

इस अवसर पर डॉ. शरफुद्दीन, डॉ. दुर्गेश तिवारी, डॉ. अशोक सिंह, डॉ. केएस यादव, डॉ. जुल्फेकार अहमद, डॉ. शिराज, डॉ. जामी, डॉ. बलवंत सिंह, डॉ. इमामुद्दीन, डॉ. ओसामा और डॉ. कामरान समेत शाहगंज व खेतासराय क्षेत्र के बड़ी संख्या में नीमा सदस्य मौजूद रहे।

राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव के पूर्व जन संपर्क अधिकारी कृष्ण कुमार जायसवाल ने ठोंकी दावेदारी

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जौनपुर में वैश्य समाज को मिले समुचित भागीदारी : कृष्ण कुमार जायसवाल

जौनपुर। राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव के पूर्व जन संपर्क अधिकारी , मुख्य चुनाव अभिकर्ता एवं पिछड़ा वर्ग काशी क्षेत्र के निवर्तमान महामंत्री इंजीनियर कृष्ण कुमार जायसवाल की दावेदारी से जौनपुर की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। आज अपने जन्म दिन के मौके पर मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा नेता इंजीनियर कृष्ण कुमार जायसवाल ने कहा कि वैश्य समाज देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और लंबे समय से राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ा रहा है। जनसंघ के दौर से लेकर आज तक समाज ने भाजपा को तन, मन और धन से समर्थन दिया, लेकिन राजनीति में अपेक्षित हिस्सेदारी अब तक नहीं मिल सकी है। वैश्य समाज को जौनपुर के राजनीतिक क्षेत्र में उसकी संख्या और योगदान के अनुरूप भागीदारी मिलनी चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भाजपा मेरी मां है। बेटा अगर मां के सामने अपनी बात नहीं कहेगा तो किसके सामने कहेगा। मुझे विश्वास है कि पार्टी मेरी बात अवश्य सुनेगी।

उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में वैश्य समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। व्यापार, उद्योग और विभिन्न व्यवसायों के माध्यम से समाज के लोग रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद जौनपुर में राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मामले में समाज को अपेक्षित स्थान नहीं मिला है।

इंजीनियर जायसवाल ने कहा कि वैश्य समाज भाजपा के साथ प्रारंभ से ही मजबूती से जुड़ा रहा है। जनसंघ के समय से ही समाज के लोगों ने पार्टी को अपना समर्थन दिया और विभिन्न चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाई। अब समय आ गया है कि राजनीतिक दल वैश्य समाज की भागीदारी को लेकर गंभीरता से विचार करें।

उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को राजनीति में आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। पंचायत से लेकर विधानसभा और संसद तक वैश्य समाज की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित होने से समाज की समस्याओं और अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से उठाया जा सकेगा। अंत में इंजीनियर जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व पर भरोसा जताया। प्रेस वार्ता के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता मानिक चंद सेठ, राम सिंह मौर्य, व्यापार मंडल अध्यक्ष राधे रमण जायसवाल, गिरिजेश श्रीवास्तव, राम आसरे मोदनवाल आदि मौजूद रहे।

दूसरों को नसीहत देने से पहले सपा अपने घर में झांके ,अरविंद राजभर

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अरविंद राजभर का निशाना, बोले—दूसरों को नसीहत देने से पहले सपा अपने घर में झांके

लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की ओर से आज कुंवर हरिवंश सिंह डेंटल कॉलेज के प्रांगण में आयोजित कार्यकर्ता बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव एवं पूर्व राज्य मंत्री डॉ. अरविंद राजभर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सामाजिक न्याय, आरक्षण, शिक्षा और राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. अरविंद राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी में परिवारवाद की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। जिस शिवपाल यादव ने नेताजी मुलायम सिंह यादव के साथ मिलकर पार्टी को खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, यदि उन्हें भी पार्टी कार्यालय में प्रवेश के लिए अनुमति का इंतजार करना पड़े, तो यह सपा की आंतरिक लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को दूसरों को ‘हॉर्न न बजाने’ की नसीहत देने से पहले अपनी पार्टी की व्यवस्था और वरिष्ठ नेताओं के सम्मान पर ध्यान देना चाहिए। राजनीति में व्यक्तिगत टिप्पणी के बजाय जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।

कार्यकर्ता बैठक में डॉ. अरविंद राजभर ने सामाजिक न्याय और आरक्षण व्यवस्था को लेकर पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि देश स्तर पर व्यापक सर्वेक्षण कराया जाना चाहिए और सामाजिक एवं आर्थिक वास्तविकताओं का अध्ययन करने के बाद आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था लागू करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने रोहिणी आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्गों के भीतर जिन वर्गों को आरक्षण का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है, उनके अधिकारों और हिस्सेदारी को सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

डॉ. अरविंद राजभर ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए कहा कि भारतीय संविधान का पठन-पाठन प्राथमिक विद्यालय स्तर से ही शुरू कराया जाना चाहिए, ताकि देश के बच्चों को बचपन से ही संविधान, लोकतंत्र, समानता और अधिकारों की जानकारी मिल सके।

उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा को निःशुल्क किया जाना चाहिए, क्योंकि शिक्षित बेटी न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ाने का काम करती है।

कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का उद्देश्य केवल राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, सामाजिक समरसता, शिक्षा और समान अवसर के लिए लगातार संघर्ष करना है। पार्टी कार्यकर्ताओं को गांव-गांव और बूथ स्तर तक पहुंचकर इन मुद्दों को जनता के बीच ले जाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों की आवाज को और मजबूती से उठाएगी तथा सभी वर्गों के सम्मान और अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखेगी। डॉ जेपी सिंह राष्ट्रीय महासचिव सुभासपा ने कहा कि हिंदुस्तान की राजनीति में सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर हिबेसे नेता है जो संविधान को मानते हुए सर्वसमाज को जोड़ने वाली बात करते हैं, और आरक्षण पर उनके स्टैंड का सर्व समाज समर्थन करती है। गरीबों को फ्री शिक्षा एवं फ्री चिकित्सा अनिवार्य रूप से लागू होना चाहिए। राष्ट्रीय महासचिव महिला मोर्चा शशिलाल राजभर ,प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश राजभर, प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी निहाल अंसारी, प्रदेश महासचिव अरविंद सिंह ,हरीलाल,बृजभान, शनि वर्मा, इरशाद अंसारी,विकाश राजभर, मंगल राजभर आदि लोगों ने विचार रखे और जिला अध्यक्ष चंदन राजभर ने संचालन किया।